खेल समाचार: छोरियों के बाद छोरे की धूम: भारत की सीनियर पुरुष टीम में सिलवाला से पहली बार खिलाड़ी का चयन – Dainik Bhaskar

  • November 2, 2022

वाॅलीबाल का हब बन चुके गांव सिलवाला खुर्द का नाम भारतीय वॉलीबाल से जुड़ गया है। यहां की लड़कियां वाॅलीबाॅल की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियाेगिताओं में खेल चुकीं, लेकिन इस बार बात छोरियों की नहीं, बल्कि छोरे की है। इस बार यहां के खिलाड़ी अजीत सेखों का वाॅलीबाल की भारतीय सीनियर पुरुष टीम में चयन हुआ है। उनके कोच बसंतसिंह मान ने बताया कि भारतीय टीम के साथ अजीत सेखों थाइलैंड में 7 से 11 अगस्त तक होने वाली 14वीं एशियन चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेगा।
अजीत सेखों नोहर के गांव जसाना के किसान परिवार से है। वर्तमान में एसकेडी यूनिवर्सिटी में बीए सेकंड ईयर का स्टूडेंट है। अजीत छठी कक्षा से ही सिलवाला खुर्द में कोच बसंतसिंह मान से निशुल्क ट्रेनिंग ले रहा था। वह यहां अपनी मौसेरी बहन के घर रहता था।
गौरतलब है कि सिलवाला खुर्द से पिछले दो-महीनों में तीन खिलाड़ियों का चयन भारतीय टीम में हुआ है। गत 3 जून को कविता सुथार का 23वीं एशियन अंडर-18 वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम के कप्तान के रूप में चयन हुआ था। इसके बाद 1 जुलाई को अल्पना काे 21वीं एशियन वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए अंडर-20 टीम में चुना गया। उक्त तीनों खिलाड़ी उड़ीसा के भुवनेश्वर में भारतीय टीम के ट्रायल शिविर में शामिल हुए थे।
सीनियर महिला वॉलीबॉल टीम हेतु सुमन गिला पुत्री रजीराम भी शिविर में थी, लेकिन चीन में कोरोना के चलते एशियाड गेम रद्द कर दिए जाने से उसका टीम का चयन नहीं किया गया। इससे पूर्व सुखबीरकौर चार बार नेशनल टीम में खेल चुकी है और वर्तमान में रेलवे टीम की खिलाड़ी के रूप में हैदराबाद में कार्यरत है।
सिलवाला का ‘मान’- अब तक 15 खिलाड़ी विदेश व 1200 खिलाड़ी देश में दिखा चुके अपना जाैहर
सिलवाला खुर्द निवासी व वॉलीबॉल कोच बसंतसिंह मान ने संगरिया के ग्रामोत्थान विद्यापीठ संस्थान में 1980 से 2011 तक शारीरिक शिक्षक की सेवा प्रदान की। इस दौरान वॉलीबॉल के साथ एथलेटिक्स, खो-खो और कबड्डी की ट्रेनिंग दी। इनसे प्रशिक्षण लेकर 15 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और करीब 1200 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपना जौहर दिख चुके हैं। 2011 में इनका ट्रांसफर ग्रामोत्थान विद्यापीठ से मूल गांव सिलवाला खुर्द में हुआ और वर्ष 2014 में सरकारी सेवा से रिटायर हुए। सिलवाला खुर्द में आते ही 2011 में गांव के सहयोग व समर्पण से तीन वॉलीबॉल कोर्ट स्थापित कर बच्चों को सुबह- शाम निशुल्क ट्रेनिंग देनी शुरू की, जो वर्ष 2014 में रिटायरमेंट के बाद भी जारी है। पिछले 11 साल में उन्होंने 4 अंतर्राष्ट्रीय और केवल सिलवाला खुर्द के ही करीब डेढ़ सौ राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए।
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